मैहर जिले में समर्थन मूल्य खरीदी के दौरान 55 फीसदी गेहूं केंद्रों में पड़ा रहने पर प्रशासन ने परिवहन ठेकेदार पर 27.52 लाख रुपए की पेनल्टी लगाई। कई खरीदी केंद्रों में अब तक आधे से कम अनाज का उठाव हुआ।
रीवा संभाग में गेहूं खरीदी केंद्रों के निरीक्षण के दौरान खैरा केंद्र पर व्यवस्थाओं में कमी मिली। कमिश्नर बीएस जामोद ने नाराजगी जताते हुए प्रबंधक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए, सुधार के आदेश दिए।
रीवा जिले में गेहूं खरीदी की घोषणा के तीन दिन बाद भी एक क्विंटल तौल नहीं हुई। बारदाने की कमी, भरे गोदाम और प्रशासनिक लापरवाही से किसान परेशान होकर लौट रहे हैं।
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी शुरू होते ही हंगामा। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सरकार पर रणनीतिक घोटाले का आरोप लगाया। जानें खंडवा, सागर और रायसेन के उपार्जन केंद्रों का हाल
रीवा संभाग में गेहूं उत्पादन 4.19 लाख एमटी अनुमानित है। सतना और रीवा आगे हैं, जबकि मऊगंज और सिंगरौली पीछे। पंजीकृत किसानों में से केवल आधे ही समर्थन मूल्य पर उपज बेच पाएंगे।
सतना-मैहर में चना, मसूर और तुअर उपार्जन के लिए 2672 एमटी लक्ष्य तय हुआ। 54 हजार बारदाने उपलब्ध हैं और 80 गठान और आएंगे। किसानों के लिए आठ उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं।
सतना में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी तेज है, लेकिन परिवहन सुस्त पड़ने पर नागरिक आपूर्ति निगम ने ठेकेदार पर 32.88 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई।
सतना–मैहर में धान उपार्जन केंद्रों पर तौलाई, गिनाई, सिलाई और पल्लेदारी के नाम पर किसानों से अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मानक से अधिक तौल, धान में मिलावट, भुगतान में देरी और सम्मान निधि की कथित चौथ वसूली ने सरकारी खरीदी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रीवा जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था चरमरा गई है। कई खरीदी केन्द्रों में किसानों को तीन-तीन दिन तक तौल के लिए जागना पड़ रहा है। कहीं तौल कांटे खराब हैं तो कहीं बारदाने नहीं हैं। सेमरिया क्षेत्र में नाराज किसानों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
सतना-मैहर जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। कहीं बिना केंद्र स्थापित हुए खरीदी की तैयारी तो कहीं बिना तौल और मानक से अधिक वजन की शिकायतें मिली हैं। वायरल वीडियो के बीच कलेक्टर ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।






















